सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

संदेश

जून, 2025 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

आर्य समाज की स्थापना, सिद्धांत और कार्य | Arya Samaj in Hindi

आर्य समाज की स्थापना : आर्य समाज की स्थापना  स्वामी दयानन्द सरस्वती ने सन 1875 ई०  में की थी। स्वामी दयानंद सरस्वती का जीवन परिचय इनका जन्म  सन 1824 ई०  में गुजरात राज्य के टंकारा गांव में एक ब्राह्मण कुल में हुआ था। इनके पिता का नाम  पंडित अंबाशंकर  था जो वेदों के प्रकांड विद्वान थे। इनके पिताजी ने स्वामी जी को न्याय, दर्शन और वैदिक आदि की शिक्षा दी थी। कुछ समय के बाद में स्वामी जी ने अपना गृह का त्याग कर दिया। 15 वर्ष तक वे लगातार कई स्थानों पर घूमते रहे। 1807 ई० में वे मथुरा पहुंचे। वहां पर उन्होंने वैदिक धर्म के प्रति स्वामी विरजानंद जी से अगाध श्रद्धा प्राप्ति की। भारतीय समाज में व्याप्त अंधविश्वास,असमानता, पाखंड,आडम्बर को जड़ से समाप्त करने का प्रण किया। स्वामी दयानंद का आदेश था कि अपने देश भारत को "सामाजिक धार्मिक राष्ट्रीय" रूप से एक कर दिया जाए। धर्म के क्षेत्र में उन्होंने श्राद्ध,अवतारवाद, बहुदेववाद, मूर्ति पूजा, मंत्र जप और पशुबली को कभी भी स्वीकार नही किया। उनके अनुसार मानव "भाग्य का खिलौना" ही नहीं अपितु अपने भाग्य का भी निर्माता है।  कर्...

ब्रह्म समाज की स्थापना कब और किसने की ? Brahm samaj in hindi

ब्रह्म समाज की स्थापना : ब्रह्म समाज की स्थापना " राजा राममोहन राय  ने  20 अगस्त 1828 ई० में   कोलकाता"  में की थी। बंगाली समाचार पत्र " संवाद कौमुदी"  की स्थापना सन् 1819 ई० की जिसे "भारतीय समाचार पत्रों का जनक" कहा जाता है। पाश्चात्य शिक्षा का समर्थन करने के लिए 1819 ई० में इन्होंने कोलकाता में  हिंदू कॉलेज  की स्थापना की। ब्रह्म समाज केेे प्रमुख सिद्धांत- ईश्वर एक है वह सर्वव्यापी एवं निराकार है। उसकी आराधना करने के लिए कर्मकांडों, मूर्ति पूजा और बाह्य आडम्बरों की आवश्यकता नहीं है। उसी की पूजा करने का अधिकार सभी को है, सच्चे हृदय से उसकी पूजा एवं प्रार्थना करने से वह प्रसन्न होता है। आत्मा अजर और अमर हैं एवं शरीर नाशवान है। मनुष्य को कट्टरता एवं अंधविश्वास को त्याग कर मानवतावादी सार्वभौमिक सिद्धांतों को स्वीकार करना चाहिए। ईश्वर कर्म के अनुसार ही मनुष्य को फल देता है, मानव को अपने पापों का प्रायश्चित कर लेना चाहिए तभी उसे मोक्ष मिलेगा। ब्रह्म समाज सत्य और प्रेम में विश्वास करता है और छुआछूत तथा जातिवाद का विरोधी है। हमें प्राणियों के प्रति दया रखनी ...

रामकृष्ण मिशन की स्थापना कब और किसने की ? Ramkrishna mission in hindi

रामकृष्ण मिशन की स्थापना : रामकृष्ण मिशन की स्थापना "1 मई 1897 ई०" में हुई थी। इसके संस्थापक "स्वामी विवेकानंद जी" थे। इसका मुख्यालय "बेलूर मठ, कोलकाता" में स्थित है। इनके अन्दर राष्ट्रवादी प्रवृत्ति थी। अपने देश के नागरिकों की मान मर्यादा और उत्साह को बढ़ाने के लिए हमेशा संघर्ष करते रहे। स्वामी जी इस मिशन के माध्यम से ही जीवन भर समाज सुधार, एवं धर्म सुधार के कार्यों में लगे रहे। रामकृष्ण परमहंस एक अच्छे संत और शुभचिंतक थे। उनकी भारतीय विचारधारा और संस्कृति में पूरी तरह से आस्था थी।लेकिन उन्होंने सभी धर्मों को ही सत्य माना। उनके अनुसार ईश्वर,कृष्ण, राम अल्लाह, भगवान सब एक ही परमात्मा के अनेक नाम है। मूर्ति पूजा में ये विश्वास करते थे। उसे सर्वशक्तिमान,शाश्वत,परमात्मा को प्राप्त करने का एक अच्छा साधन मानते थे। ये आजीवन ईश्वर को प्राप्त करने के लिए निस्वार्थ,अनन्य भक्ति करते रहे। स्वामी जी ने बिना विकल्प के ही समाधी की अवस्था को पा लिया था। तभी से उन्हें लोग परमहंस कहकर पुकारने लगे। स्वामी विवेकानंद ने अपने गुरु परमहंस के बारे मे कहा था- मुझे एक ऐसे संत और ...

कार्बोहाइड्रेट किसे कहते हैं ? carbohydrates in hindi- प्रकार, कमी से होने वाले रोग

कार्बोहाइड्रेट की परिभाषा : कार्बोहाइड्रेट्स , वे कार्बनिक पदार्थ होते हैं, जो  कार्बन ,  हाइड्रोजन  तथा  आक्सीजन से मिलकर बने होते  हैं। इसमें 'हाइड्रोजन व आक्सीजन' का अनुपात  जल  के समान ही होता है। पदार्थ में कार्बोहाइड्रेट की मात्रा लगभग एक प्रतिशत होती है। लेकिन सबसे अधिक कार्बोहाइड्रेट के अणु पृथ्वी पर उपस्थित कार्बनिक जैविक अणुओं में ही पाए जाते हैं। क्लोरोफिल या पर्णहरिम युक्त शैवालों तथा जीवाणुओं एवं हरे पेड़ पौधे, वनस्पतियों की कोशिकाएं, प्रकाश संश्लेषण की क्रिया के द्वारा ,CO 2 एवं H 2 O से सारे जीवों के लिए कार्बोहाइड्रेट का संश्लेषण करती है। ये कोशिकाएँ एक वर्ष में लगभग दस करोड़ मीटरी टन कार्बन डाइ ऑक्साइड और जल का उपयोग कर लेती है। एक सूखे हुए पौधे का लगभग अस्सी प्रतिशत भाग सेलुलोस से बना होता है। कार्बोहाइड्रेट के स्रोत :- चावल, गेहूं, मक्का, बाजरा, शहद, मुनक्का, खजूर, केला, गन्ना, शक्कर, मीठी सब्जियां, छुआरा, चुकंदर, अमरुद एवं मीठे खाद्य पदार्थों में कार्बोहाइड्रेट पाया जाता हैI कार्बोहाइड्रेट की कमी से होने वाले रोग :-   कब्ज,...

प्रोटीन क्या है ? Protein in hindi - कमी से होने वाले रोग, कार्य, प्रकार, परिभाषा, वर्गीकरण

  प्रोटीन क्या है , protein in hindi, प्रोटीन की परिभाषा क्या है, संरचना, कार्य, प्रकार, वर्गीकरण, खोज सर्वप्रथम किसने की, ये कितने प्रकार के होते हैं। प्रोटीन की कमी से होने वाले रोग,एमीनो अम्ल, प्रोटीन की खोज किसने की:- जे बर्जीलियस तथा मूल्डर ने सबसे पहले प्रोटीन्स का नाम दिया था। प्रोटीन क्या है, परिभाषा : लिपिड्स तथा कार्बोहाइड्रेट की तरह प्रोटीन भी ऑक्सीजन तथा हाइड्रोजन एवं कार्बन के बने होते हैं, लेकिन इनमें 16% नाइट्रोजन तथा कुछ मात्रा में सल्फर तत्व पाए जाते हैं कुछ मैटालिक आयन्स भी होते हैं। प्रोटीन के स्रोत शाकाहारी:- दालों जैसे मसूर, उड़द, मूंग, मटर, चना इसके अलावा गेहूं, मक्का, लोभिया, राजमा एवं सोयाबीन में सबसे अधिक प्रोटीन पायी जाती है I प्रोटीन के स्रोत मांसाहारी :- अंडा, यकृत, मछली, मांस आदि में प्रोटीन पाया जाता है। प्रोटीन के कार्य:- शारीरिक वृद्धि के लिए आवश्यक  जैविक क्रियाओं के लिए आवश्यक  हड्डियाँ, मांसपेशियां, त्वचा एवं रक्त के विकास के लिए आवश्यक  प्रतिजैविक (एंटीबाडीज) का निर्माण  शारीर की आधारभूत संरचना शारीर की जैवरासायनिक क्रियाओं का...